Azan or Iqamat अजान व इकामत
फर्ज नमाजों से पहले अज़ान देना सुन्नते मुअक्कदा है और शेआरे इस्लाम में दाखिल है।
जो शख्स अजान दे उसे चाहिए कि ऊँची जगह किबला की तरफ मुंह करके खड़ा हो अपने दोनों उंगलियों को कानों के दोनों सूराखों में डाल कर बुलन्द आवाज़ से अज़ान कहे।
अज़ान के बाद जमाअत से पहले इकामत (तकबीर) कही जाती है। इकामत बिल्कुल अज़ान की तरह है सिर्फ चन्द बातों का फर्क है:
(1) इकामत में हय्या अलस्सलाह और हय्या अलल फलाह के बाद कद का-मतिस्सलाह दो बार कहे।
(2) इकामत अजान के मुकाबिले में जरा पस्त आवाज से कहे | Azan or Iqamat
(3) इकामत कहते वक्त कानो के सूराखों में उंगलियां डालने की जरूरत नहीं
Tayammum ka bayan तयम्मुम् का बयान
वुजू और गुस्ल के लिए जब पानी न मिल सके या पानी नुकसान करे तो पाक मिट्टी पर पंजों समेत हथेली मार कर चेहरा और तमाम हाथों पर फेर लेना तयम्मुम कहलाता है।
Tayammum ka tarika तयम्मुम का तरीका
तयम्मुम में नीयत फर्ज है यानी नीयत करे कि नापाकी दूर करने के लिए या नमाज़ पढ़ने के लिए तयम्मुम करता हूँ।
नीयत के बाद दोनों हाथों को पाक मिट्टी पर मारे फिर हाथ झाड़कर तमाम मुँह पर मले और जितना हिस्सा मुँह का वूजू में धोया जाता है। Tayammum ka bayan
उतने हिस्सा पर हाथ पहुँचाये। फिर दुबारा मिट्टी पर हाथ फेर कर हाथों को कोहनियों तक मले और उंगलियों का खिलाल भी करे। वुजू ! और गुस्ल के तयम्मुम में कोई फर्क नहीं है और जितनी पाकी वुजू और गुस्ल से होती है उतनी ही तयम्मुम से भी होती है ।
Gusl Ka Tarika गुस्ल का तरीका
पहले दोनों हाथ गट्टे तक धोए। उसके बाद फिर जहाँ जहाँ नजासत लगी हो धोए फिर इस्तिन्जा की जगह धोए। और पाक करे। और बिस्मिल्लाह पढ़ कर वुजू करे, कुल्ली के साथ गरारा भी करे। लेकिन अगर रोजे से हो तो गरारा न करे सिर्फ कुल्ली करे। नाक में बांसे तक पानी ले जाये।
उसके बाद तमाम बदन पर तीन बार पानी बहाये। और बदन खूब मलें, ताकि कोई जगह पानी पहुंचने से बाकी न रह जाये। खुली हुई जगह पर नंगा न नहाये । मर्द को नाफ़ से घुटने तक और औरत को गले से टखने तक छुपाना फर्ज है। और अगर गुस्ल-खाने वगैरह में हो तो न छुपाने में कोई हर्ज नहीं। Gusl Ka Tarika
औरत के बाल अगर गुंधे हों लेकिन जड़ों तक पानी पहुंच सकता है तो खोलने की जरूरत नहीं वरना खोलना ज़रूरी है। अगर जेवर वगैरह पहने हों तो उसको घुमा फिरा कर वह जगह पानी से तर करें। अगर मर्द के बाल औरत की तरह लम्बे हों और वह चोटी जूड़ा बांधे हों तो बालों को खोलकर जड़ों तक पानी पहुँचाना ज़रूरी है बगैर इसके गुस्ल सही नहीं होगा। (गुलजारे शरीअत)
Gusl ka bayan गुस्ल का ब्यान
गुस्ल कहते हैं नहाने को मगर शरीअत में नहाने का एक खास तरीका है और वह यह है कि पहले इस्तिन्जा करे फिर उसके बाद जो नजासत बदन पर लगी हो उसे धो डाले फिर वुजू करे उसके बाद सारे बदन पर तीन दफा पानी बहाये। Gusl ka bayan
Gusl ke faraiz गुस्लु के फुराइज़
(1) कुल्ली करना (2) नाक में पानी डालना (3) सारे बदन पर पानी बहाना Gusl ke faraiz
Gusl ki sunnatain गुस्ल की सुन्नतें
(1) गुस्ल की नीयत करना (2) दोनों हाथों को गट्टों तक धोना (3) बिस्मिल्लाह पढ़ना (4) शर्मगाह को गुस्ल से पहले धोना उस पर निजासत हो या न हो (5) वुजू करना (6) तीन मर्तबा सर और तमाम बदन पर पानी बहाना (7) किबला की तरफ मुंह करना (8) बदन पर पानी मल लेना ताकि हर जगह पानी अच्छी तरह पहुंच जाये (9) ऐसी जगह नहाना जहां कोई न देखे पानी में कमी या ज्यादती न करना Gusl ki sunnatain
वुजू के मकरूहात
(1) वु.जू के लिए नापाक जगह बैठना या नापाक जगह वुजू का पानी गिराना।
(2) आज़ाए वुजू से लोटे वगैरह में पानी टपकाना।
(3) मस्जिद के अन्दर वुजू करना।
(4) पानी में थूकना, नाक सीकना अगरचे दरिया या होज हो।
(5) किवला की तरफ थूकना या कुल्ली करना।
(6) वे जरूरत दुनिया की बातें करना।
(7) ज्यादा पानी खर्च करना। वुजू के मकरूहात
(8) इतना कम पानी खर्च करना कि सुन्नत अदा न हो।
(9) चेहरा पर जोर से पानी मारना।
(10) एक हाथ से मुह धोना कि वह हिन्दूओं (काफिरों) का तरीका है।
(11) गले का मसह करना। वुजू के मकरूहात
(12) बायें हाथ से कुल्ली करना या नाक में पानी डालना!
(13) दाये हाथ से नाक साफ करना। वुजू के मकरूहात
(14) तीन नये पानियों से तीन बार सर का मसह करना।
(15) धूप के गर्म पानी से वुजू करना कि वह बर्स (सफेद दाग) पैदा करता है।
(16) होठ या आंखें जोर से बन्द कर लेना।(17) किसी सुन्नत को छोड़ देना।वुजू के मकरूहात
वुजू को तोड़ने वाली चीजें
(1) पाखाना, पेशाब, वदी, मज़ी, मनी,कीड़ा, पथरी, जो मर्द या औरत के आगे या पीछे के मकाम से निकलें।
(2) मर्द या औरत के पीछे के मकाम से हवा का निकलना। वुजू को तोड़ने वाली चीजें
(3) खून या पीप या पीले पानी का बदन के किसी भी हिस्से से निकलना और बहना, खाना या पानी या सफ़रा का मुह भर कै आना।
(4) इस तरह सो जाना कि दोनों सुरीन अपनी जगह अच्छी तरह न जमे हो।
(5) चित या पट या करवट पर लेट कर सो जाना। वुजू को तोड़ने वाली चीजें
(6) बेहोशी. जुनून गशी और इतना नशा कि चलने में पांव लड़खड़ायें इससे भी वुजू टूट जाता है।
(7) बालिग शख्स का रुकुअ व सुजूद वाली नमाज़ नें इतनी आवाज से हंसना कि आस पास वाले सुन लें।
(8) दांतों से इस कदर खून निकलना कि इससे थूक का रंग सुर्ख हो गया।
(9) दुखती हुई आंख से पानी बहना क्योंकि वह पानी (आंसू) नापाक है, इस तरह कान, नाफ, पिस्तान वगैरह में दाना या नासूर या कोई मरज हो उसकी वजह से जो पानी बहे इससे भी वूजू जाता रहता है। वुजू को तोड़ने वाली चीजें
मसअला : औरत के आगे के मकान से जो खालिस रतूबत निकलती है इससे वुजू नहीं टूटता अगर यह रतूबत कपड़े में लग जाये तो कपड़ा पाक ह
मसअला : आंख में दाना था और फूट कर आंख के अन्दर ही फैल गया बाहर नहीं निकला या कान के अन्दर दाना फूट गया और उसका पानी सुराख से बाहर नहीं निकला तो इन सूरतों में वुजू बाकी है। मसअला : बलगम की कय से वुजू नहीं टूटता चाहे जितनी भी हो। वुजू को तोड़ने वाली चीजें
मसअला : मुबाशरते फाहिशा यानी मर्द अपने आला को तुन्दी की हालत में औरत या मर्द की शर्मगाह से मिलाये या औरत औरत बाहम मिलायें बशर्ते कि दरमियान में कुछ हाइल न हो इससे वुजू टूट जाता है !
वुजू करने का सही तरीका
नीयत करने और बिस्मिल्लाहिर्रहमानिरृहिम पढ़ने के बाद मिस्वाक को धोकर तीन बार ऊपर-नीचे के दांतों में तीन नये पानी से इस्तेमाल की जाये। फिर दोनों गट्टों समेत हाथों पर मले, और उंगलियों का खिलाल करे। फिर बायें हाथ में लोटा वगैरह लेकर दाहिने हाथ पर उंगलियों की तरफ से शुरू करके गट्टे तक तीन बार पानी बहाया जाये।
फिर बायें हाथ पर उंगलियों की तरफ से शुरू करके गट्टे तक तीन बार पानी बहाए। इसका ख्याल रहे कि उंगलियों की धइयां पानी बहने से न रह जायें। फिर तीन बार कुल्ली करे इस तरह कि मुंह की तमाम जड़ों और दांतों की सब खिड़कियों में पानी पहुंच जाये कि वुजू में इस तरह कुल्ली करना सुन्न्ते मुअक्कदा है और गुस्ल में फर्ज है।
अगर रोज़ादार न हो तो हर कुल्ली गरारा के साथ करे। फिर नाक में अगर रीठ लगी हो तो बायें हाथ से साफ करके सांस की मदद से तीन बार नर्म बांसों तक पानी चढ़ाये ताकि कोई बाल धुलने से बाकी न रहे। वुजू करने का सही तरीका
फिर चेहरा पर अच्छी तरह पानी मलकर इसको तीन बार इस तरह धोए कि एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक,पेशानी के ऊपर कुछ सर के हिस्से से ठोड़ी के नीचे तक हर हिस्सा पर पानी बह जाये ।
अगर दाढ़ी हो तो इस तरह खिलाल करे कि उंगलियों को गर्दन की तरफ से दाखिल करे और सामने निकाले और उसके बाल और खाल पर भी पानी बहाये। फिर दोनों हाथों पर पानी मलकर पहले दाहिने हाथ पर भी सर नाखुन से शुरू करके निस्फ (आधे) बाजू तक तीन मर्तबा पानी बहाये।
फिर सर का मसह इस तरह करे कि दोनों हाथों के अंगूठे और कलिमे की उंगलियां छोड़ कर बाकी तीन-तीन उंगलियों के सिरे मिलाकर पेशानी के बाल, उगने की जगह पर अगर बाल हों वरना इसको खाल पर रखे और सर के ऊपरी हिस्से पर गुद्दी तक इस तरह ले जाये कि हथेलियाँ सर से जुदा रहें। वुजू करने का सही तरीका
फिर वहाँ से हथेलियों से सर के दोनों करवटों का मसह करते हुए पेशानी तक वापस लाए। उसके बाद कलिमे की उंगलियों के पेट से कान के अन्दरूनी हिस्सा का मसह करे।
आर अंगूठे के पेट से कान की बैरूनी सतह का मसह करे। और उन्हीं उंगलियों की पुश्त से सिर्फ गर्दन का मसह करे। फिर पानी से दोनों पाँव मले और इस तरह खिलाल करे कि बायें हाथ की छंगुलिया से दाहिने पाँव की छंगुलिया से शुरू करके अंगूठे पर खत्म करे। वुजू करने का सही तरीका
और बाएं पाँव में अंगूठे से शुरू करके छंगुलिया पर खत्म करे। और दाहिने बायें पाँव पर उंगलियों की तरफ से आधी पिन्डली तक हर बाल और हर हिस्सए खास पर तीन-तीन बार पानी बहाये। (मुकम्मल निजामे शरीअत) वुजू करने का सही तरीका
दुआए कुनूत आयतल-कुर्सी
अल्लाहुम्म इन्ना नस्त ईनु-क व नस्तग्फिरु-क व नुअ-मिनु बि-क व न-त वक्कलु अलै-क व नुस्नी अलैकल् खैर व नश्कुरु-क वला नक्फुरु-क व नख्-लओ व नतरुकु मंय्यफ्-जुरु-क अल्लाहुम्म इय्या-क नअबुदु व ल-क नुसल्ली व नस्जुदु व इलै-क नसआ व नहफिदु व नर्जू रहमत-क व नख्शा अजाब-क इन्न अजा-व-क-बिल्-कुफ्फारि मुल्-हिक
अगर दुआए कुनूत याद न हो तो यह दुआ पढ़ें!
रब्बना आतिना फिद्-दुनिया ह-स-न- तंव्-व फिल्आखि-र-ति ह-स- न-तंव्-व किना अज़ाबन्नार.
अगर यह याद न हो तो तीन मर्तबा यह पढ़े!
अल्लाहुम्मफिर लना
आयतल-कुर्सी
अल्लाहु ला इला-ह इल्ला हुवाअल हय्युल् क्य्यूम. ला ता-खुजुहू सि-न-तुव्- व ला नौमुन् लहू माफिस्समावाति व मा फिल् अर्जि मन् जल्-लजी यश्फऊ इन्दहू इल्ला बिइज़निही याअ -लमु मा बै न आयदीहिम् व मा खल्फहुम् वला युहीतू-न विशैइम मिन् अिल्मिही इल्ला बिमा शा-अ व सि-अ कुर्सिय्यु -हुस्समावाति वल् अर्ज़ वला य-ऊदुहू हिफ जुहुमा व हुवल अलिय्युल अजीम.
वुजू के फ़राइज़ वुजू की सुन्नतें
(वुजू में चार फूर्ज हैं)
(1) मुंह धोना पेशानी के बालों से ठोड़ी के नीचे तक और एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक।
(2) दोनों हाथों को कोहनियों समेत धोना।
(3) चौथाई सर का मसह करना।
(4) दोनों पाँव टखनों समेत धोना।
वुजू की सुन्नतें
(1) नीयत करना।
(2) बिस्मिल्ला-हिर्रहमा |-निर्रहीम पढ़ना।
(3) मिस्वाक करना। वुजू के फ़राइज़ वुजू की सुन्नतें
(4) पहले दोनों हाथ गट्टों तक धोना।
(5) तीन बार कुल्ली करना इस तरह कि तमाम मुंह के अन्दर हलक की जड़ तक पहुंच जाये।
(6) तीन मर्तबा नाक की तमाम नर्म जगह में पानी पहुंचाना।
(7) मुंह धोते वक्त दाढी का खिलाल करना।
(৪) हाथ पाँव की उंगलियों का खिलाल करना।
(9) हर उज्व को तीन-तीन बार धोना।
(10) एक बार पूरे सर का मसह करना।
(11) दोनों कानों का मसह करना।
(12) तरतीब से वुजू करना।
(13) आजा को पय दर पय धोना!
(14) हर मकरूह को छोड़ देना।
(15) दाढ़ी के जो बाल मुंह के दायरे से नीचे है उनका मसह करना।
6 kalma in English
1 Kalma Tayyab:
Laa ilaaha illal Lahoo Mohammadur Rasool Ullah
2 Kalma Shaadat:
Ashahado An Laa ilaaha illal Laho Wahdahoo Laa Shareeka Lahoo Wa Ash Hado Anna Mohammadan Abdo Hoo Wa Rasoolohoo.
3 Kalma Tamjeed:
Subhanallahe Wal Hamdulillahe Wa Laa ilaha illal Laho Wallahooakbar. Wala Haola Wala Quwwata illa billahil AliYil Azeem.
4 Kalma Tauheed:
Laa ilaha illal Lahoo Wahdahoo Laa Shareekalahoo Lahul Mulko Walahul Hamdo Yuhee Wa Yumeeto Wa Hoa Haiy Yul La Yamooto Abadan Abada Zul Jalali Wal ikraam Beyadihil Khair. Wa hoa Ala Kulli Shai In Qadeer.
5 Kalma Astaghfar:
Astaghfirullah Rabbi Min Kullay Zambin Aznabtuho Amadan Ao Khat An Sirran Ao Alaniatan Wa Atoobo ilaihe Minaz Zambil Lazee Aalamo Wa Minaz Zambil Lazee La Aalamo innaka Anta Allamul Ghuyoobi Wa Sattaarul Oyobi Wa Ghaffaruz Zunoobi Wala Haola Wala Quwwata illa billahil AliYil Azeem. 6 kalma in English
6 Kalma Radde Kufr:
Allah Humma inni Aaoozubika Min An Oshrika Beka Shai Aown Wa Anaa Aalamo Behi Wa Astaghfiroka Lima laa Aalamo Behi Tubtu Anho Wa Tabarrato Minal Kufri Washshirki Wal Kizbi Wal Jheebati Wal Bidaati Wan Nameemati Wal Fawahishi Wal Bohtani Wal Maasi Kulliha Wa Aslamtoo Wa Aamantoo Wa Aqoolo Laa ilaaha illal Lahoo Mohammadur Rasool Ullah.
NAMAZ KI NIYAT IN HINDI नमाज़ों की नीयत
नमाज़े फ़जर की दो रक्त सुन्नत
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, फज्र की, सुन्नत रसूले पाक की, वास्ते अल्लाह तआला के मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
फज़र की दो रक्अत फ़र्ज़
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, फज्र की, फर्ज,वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
जुहर की चार रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज,जुहर की, सुन्नत रसूले पाक की,वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
जुहर की चार रक्अत फर्ज़
नीयत की मैने नमाज़ ,जुहर की,चार रकअत फर्ज, वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर,NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
जुहर की दो रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने दो रक्अत नमाज़, जुहर की, सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर,
जुहर की दो रक्अत नफ़्ल
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज जुहर की, नफ्ल, वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा कअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
असर की चार रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज़ अस्र की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा कअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
असर की चार रक्अत फर्ज
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज़ असर की फर्ज वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा) शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
मगरिब की तीन रक्अत फ़र्ज़
नीयत की मैंने तीन रकअत नमाज मगरिब की फर्ज वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
मगरिब की दो रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़ मगरिब की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर,
मगरिब की दो रक्अत नफ़्ल
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, मगरिब की, नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
इशा की चार रक्अत सुन्त
नियत की मैंने चार रकात नमाज, इशा की, सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ़ अल्लाहु अकबर.
इशा की चार रक्अत फ़र्ज़
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज़, इशा की, फर्ज वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
इशा की दो रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, इशा की, सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अललाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ अल्लाहु अकबर.
इशा की दो रक्अत नफ्ल
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, इशा की, नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
वित्र की तीन रक्अत वाजिब
नीयत की मैंने तीन रकअत नमाज, वित्र की, वाजिब वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ अल्लाहु अकबर.NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
इशा की दो रक्अत नफ़्ल
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़, इशा की, नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
मस्जिद में दाखिल होने की दो रकअत सुन्नत
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़ मस्जिद में दाखिल होने की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर,
जुमः की चार रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज, जुमः | की, सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर,
जुमः की दो रक्अत फर्ज़
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़, जुमअः| की, फर्ज वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
जुमः की चार रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने जुमः की चार रकअत सुन्नत । सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर.
जुमः की दो रक्अत सुन्नत
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़ जुमा की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहुअकबर.
जुमअ: की दो रक्अत नमाज़ नफ्ल
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, जुमः की नफ्ल, वास्ते अल्लाह तआला के मुह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहुअकबर,NAMAZ KI NIYAT IN HINDI
नमाज़े ईदुल फित्र
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़, ईदुल फित्र की, वाजिब छः जाइद तकबीरों के साथ, वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहु अकबर.
नमाज़े ईदुल अज़हा
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज, ईदुल अजुहा की, वाजिब, जाइद छः तकबीरों के, वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहु अकबर.
दो रक्अत नमाज़े तरावीह
नीयत की मैंने दो रकअत नमाज़ तरावीह की, सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा कअबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर
नोट:
(1) नमाजे नफ्ल की नीयत ख़्वाह जुहर की हो या मगरिब या इशा की सबकी नीयत एक ही जैसी है।
(2) फ्जों की नीयत में (इक्तदयतु विहाजल इमाम) भी कहे जबकि जमाअत से पढ़ता हो।
6 kalma in hindi
ला इला-ह इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह.
(2) कलमए शहादत
अश-हदू अल्लाइला-ह इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू व अश्-हदु अन्न मुहम्मदनन् अब्दुहु व रसूलुह,
(3) कलमए तमजीद
सुब्हानल्लाही वल हम्दु लिल्लाहि व ला इला-ह इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर वला हौला व ला कुव्व-ता इल्ला बिल्लाहिल् अली इलज़िम
(4) कलमए तौहिद
लाइला-ह इल्लल्लाहु वह-दहू लाशरी-क लहू लहुल-मुल्कु व लहुल हम्दु युह यी व युमीतु व हुव हय्युल्-ला यमूतु अबदन अबदा जुल जलालि वल इकरामी बि-य दिहिल खैरु व हुवा अला कुल्लि शयइन कदीर. 6 kalma in hindi
(5) कलमए इस्तिग़फार
अस्तगफिरुल्ला-ह रब्बी मिन कुल्ली जम्बीन अजनब्तूहू अमदन् अओ खताअन सिररन अओ अलानिय्यतंव् व अतूबु इलहि मिनज्जम्बिल लज़ी आअलमु व मिनज्ज़म्बिल् लज़ी ला आअमु इन्न-क अन्-त अल्लामुल गुयूबि व सत्तारुल उयूवि व गफ्फारुज्जुनूबि व ला हौला वला कुव्व-त इल्ला बिल्लाहिल्
अलीयिल् अजीम.
(6) कलमए रद्दे कुफ्र
अल्लाहुम्म इन्नी आऊजु-बि-क मिन् अन् उशरि-क बि-क शयअंव व अना आलमु बिही व अस्तगफिरु-क लिमा ला आ लमु बिही तुब्तु अन्हु व तबर्रअतु मिनल कफ्रि वश्-शिर्के वल् किज्बि वल् गीबती वल् बिद्-अति वन्नमी-मति वल् फवाहिशि वल् बुहतान वल मआसी कुल्लिहा व अस्लम्तु व आमन्तु व अकूलु ला इला-ह इल्लल्लाहुल मुहम्मदुर रसूलुल्लाह. 6 kalma in hindi
सिफ्ते ईमान
(7)ईमाने मुजमल
आमन्तु बिल्लाहि कमा हु-व बि अस्माएही व सिफातिही व कबिल्तु जमी-अ अहकामिह.
(8) ईमाने मुफस्सल
आमन्तु बिल्लाहि व मलाइ-क-तीही व कु-तु बिही व रुसुलिही वल् यौमिल आखिरी वल् कदरि खेयरिही व शररिही मिनल्लाहि तआला वल् बअसी बअदल मौत.
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