Tayammum ka bayan तयम्मुम् का बयान
वुजू और गुस्ल के लिए जब पानी न मिल सके या पानी नुकसान करे तो पाक मिट्टी पर पंजों समेत हथेली मार कर चेहरा और तमाम हाथों पर फेर लेना तयम्मुम कहलाता है।
Tayammum ka tarika तयम्मुम का तरीका
तयम्मुम में नीयत फर्ज है यानी नीयत करे कि नापाकी दूर करने के लिए या नमाज़ पढ़ने के लिए तयम्मुम करता हूँ।
नीयत के बाद दोनों हाथों को पाक मिट्टी पर मारे फिर हाथ झाड़कर तमाम मुँह पर मले और जितना हिस्सा मुँह का वूजू में धोया जाता है। Tayammum ka bayan
उतने हिस्सा पर हाथ पहुँचाये। फिर दुबारा मिट्टी पर हाथ फेर कर हाथों को कोहनियों तक मले और उंगलियों का खिलाल भी करे। वुजू ! और गुस्ल के तयम्मुम में कोई फर्क नहीं है और जितनी पाकी वुजू और गुस्ल से होती है उतनी ही तयम्मुम से भी होती है ।
